पाकिस्तान आएंगे इमरान खान के ‘करण-अर्जुन’? जेल में बंद पिता की रिहाई के मिशन में जुटे दोनों बेटे – imran khan jail release sons pakistan asim munir ntc

इमरान खान… एक ऐसा नाम जिसको लेकर पूरी दुनिया में हाहाकार मंचा हुआ है. इमरान खान कहां हैं, कैसे हैं? जिंदा है या फिर पाक के इतिहास के दोहराते हुए मार दिए गए. ये सारे सवाल इस समय पाकिस्तान की गली-गली में शोर मचा रहे हैं. लेकिन पाकिस्तान सरकार और सेना इस शोर को दबाने में लगी हुई है.
इमरान खान की बहनें जेल से लेकर अदालत तक का चक्कर लगा रही हैं. पूर्व पीएम को चाहने वाले भी सड़कों पर निकल गए हैं. वहीं आसिम मुनीर की बैसाखी से चलने वाली शहबाज सरकार भी इमरान खान को लेकर चुप है. इमरान खान की बहनें इस मामले को चर्चा में ला चुकी हैं. अब सबकी नजरें इमरान खान के दोनों बेटों पर हैं. सुलेमान और कासिम. दोनों लंदन में हैं. लेकिन वो भी अब अपने पिता को लेकर चिंतित हो गए हैं.
पूर्व पीएम के छोटे बेटे कासिम ने X पर एक पोस्ट लिखकर शहबाज शरीफ सरकार को चेतावनी दी है. उन्होंने पूछा है कि उनके पापा कहां हैं. इसके अलावा कासिम ने दुनियाभर की सरकारों और मानवाधिकार संगठनों से इस मामले में दखल देने की गुहार लगाई है. उन्होंने अपने पिता की हत्या के अफवाहों पर विराम लगाने के लिए सबूत तक मांगे हैं.
दरअसल, इमरान खान दशकों से पाकिस्तान की सियासत में हैं. कई बार उनकी जान खतरे में पड़ी. उन पर जानलेवा हमला भी हुआ. वो एक बार गिरकर जख्मी भी हुए पर कभी भी उनके दोनों बेटे सामने नहीं आए. कभी इमरान की इतनी फिक्र नहीं की. लेकिन इस बार मामला अलग है. पिछले 3 हफ्ते से इमरान खान से किसी को नहीं मिलने दिया गया. इसे लेकर पाकिस्तान में गुस्सा है. अब सबकी नजरें इमरान खान के बेटों पर हैं कि क्या सुलेमान और कासिम अपने पिता को बचाने इस्लामाबाद आएंगे?
इमरान के बेटों के पाकिस्तान आने पर क्या बोले पार्टी प्रवक्ता
इमरान के बेटों को लंदन में नींद नहीं आ रही. पाकिस्तान में भी इमरान समर्थक बेचैन हैं. सवाल ये है कि क्या इमरान को बचाने के लिए उनके समर्थक सड़कों पर उतरेंगे और क्या उनका नेतृत्व इमरान के दोनों बेटे करेंगे? इस बारे में आजतक ने इमरान की पार्टी पीटीआई के प्रवक्ता अब्दुल समद याकूब और इमरान खान के वकील व लिगल एडवाइजर फैसल चौधरी से खास बातचीत की. अब्दुल समद याकूब ने कहा कि वह पहले भी जब आना चाहते थे तो उन्हें किसी और के जरिए सूचना दी जाती है कि अगर वह आए तो उन्हें या तो गिरफ्तार कर लिया जाएगा या उनकी जान खतरे में आ जाएगी.
उन्होंने आगे कहा कि यहां जिस तरह की आतंकी घटनाएं हो रही हैं, जिनके पिता जेल में हो और अन्य रिश्तेदारों पर अत्यचार हो रहा है, ऐसे में इमरान के बेटों की सुरक्षा का मामला है. ऐसे में उनका यहां आना सुरक्षित नहीं है. यदि वह पाकिस्तान आ भी गए तो हो सकता है कि यहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए और इमरान खान पर दबाव बनाया जाए. उन्होंने कहा कि इमरान खान के साथ जो कुछ हो रहा है, उसके लिए पूरी तरह से आसिम मुनीर जिम्मेदार है.
इमरान के लीगर एडवाइजर ने क्या कुछ कहा
इमरान खान के वकील फैजल चौधरी ने आजतक से बातचीत में बताया कि इस तरह का बर्ताव विपक्ष के नेताओं के साथ होना अब ट्रेंड बन चुका है, जिसे चेंज होने की जरूरत है. जेल प्रशासन के मुताबिक इमरान खान ठीक हैं. मेरी भी उनसे बात हुई है, उन्होंने बताया कि वह ठीक हैं. लेकिन हम चाहते हैं कि परिवार को भी इमरान खान से मिलने दिया जाए. उनकी लीगत टीम को भी उनसे मिलने दिया जाए ताकि उनकी हालत के बारे में पता लग सके. उनसे मंगलवार और गुरुवार को मिलने का समय है. गुरुवार को उनके दोस्त या पार्टी नेता मिलते हैं और मंगलवार परिवार के लिए फिक्स है. लेकिन दोनों की दिनों में अब किसी को नहीं मिलने दिया जा रहा है. अब इसका इलाज कोर्ट से ही हो सकता है लेकिन कोर्ट से भी फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है.
तीन महीने पहले भी पाकिस्तान आना चाहते थे इमरान के बेटे?
तीन महीने पहले जब 5 अगस्त को इमरान खान के बेटे पाकिस्तान आना चाहते थे. लेकिन गिरफ्तारी के डर से वह नहीं आए. तब उन्होंने कहा था कि हम दोनों भाई पाकिस्तान जाना चाहते थे. हम अपने पापा के लिए कुछ भी करेंगे. शायद हमारे जाने से वहां कुछ असर हो. सबसे बड़ी बात हम अपने पापा को देखना चाहते हैं. हमने उनसे बहुत अरसे से बात भी नहीं की है. जब हमने पिछली बार पाकिस्तान जाने की बात कही थी तो शहबाज शरीफ की सरकार की तरफ से कहा गया कि वो हमें गिरफ्तार कर लेंगे. पाकिस्तान में रहने वाले हमारे परिवार की तरफ से भी हमारी जान को खतरा बताया गया. इसके बावजूद हम पाकिस्तान जाना चाहते हैं. वीजा लेने की कोशिश कर रहे हैं.
इमरान के बेटे ने शहबाज सरकार को दी चेतावनी
इमरान समर्थकों का जहां खून खौल रहा है, वहीं आसिम मुनीर की शह पर पाकिस्तान की सरकार इमरान को लेकर जताई जा रही चिंताओं का मजाक उड़ा रही है. लेकिन इमरान समर्थकों और उनके बेटों को पाकिस्तान की सरकार का ये रव्वैया पसंद नहीं आ रहा और अब वो उन्हें जेल से रिहा करवाने के मिशन में जुट गए हैं. इमरान के बेटे कासिम ने X पर एक पोस्ट में लिखा, “मेरे पिता को 845 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था. पिछले 6 हफ्तों से उन्हें अकेले एक ‘डेथ सेल’ में रखा गया है. न तो किसी को उनसे मिलने दिया गया है, न ही कोई फोन कॉल या मैसेज दिया गया. मेरी बुआओं को भी उनके भाई से मिलने नहीं दिया जा रहा है. यह सब किसी सुरक्षा नियम की वजह से नहीं, बल्कि जानबूझकर की जा रही कार्रवाई है.”
कासिम ने आगे लिखा, “मेरे पिता के हालात को छिपाने की कोशिश हो रही है. हमें ये जानने से रोका जा रहा है कि वो सुरक्षित हैं या नहीं.” कासिम ने शहबाज सरकार और उसके संरक्षकों को चेतावनी देते हुए ये भी कहा मेरे पिता की सुरक्षा और इस अमानवीय कैद के हर परिणाम की कानूनी, नैतिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरी जिम्मेदारी उठानी होगी. अंतरराष्ट्रीय समुदाय, मानवाधिकार संगठनों को तुरंत हस्तक्षेप करनी चाहिए.
मां के साथ लंदन में रहते हैं इमरान के दोनों बेटे
इमरान के बेटे भले ही लंदन में मां के साथ रहते हों लेकिन उनका दिल और दिमाग पाकिस्तान में लगा हुआ है, जहां उनके पिता को कोई अता-पता नहीं है. बचपन से ही इमरान के दोनों बेटे पिता की जान पर मंडराने वाले खतरों की चिंता के बीच बड़े हुए हैं. लेकिन इस बार उन्हें सबसे ज्यादा फिक्र हो रही है. खुद इमरान खान जिक्र करते हुए कह चुके हैं कि उनके बेटे उन्हें राजनीति से दूर रहने को कहते थे. उनका बड़ा बेटा सुलेमान बहुत संवेदनशील है और बचपन से ही उनको लेकर चिंतित रहता था. वो हमेशा से चाहता था कि इमरान राजनीति से दूर रहें
सुलेमान और कासिम बचपन से ही अपनी मां जेमिमा के साथ ब्रिटेन में पले-बढ़े हैं. इमरान ने दोनों को शुरू से ही राजनीति और सुर्खियों दूर रखा. लेकिन इस बार दोनों खुद को रोक नहीं पा रहे, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके पिता का जानी दुश्मन आसिम मुनीर पाकिस्तान का सर्वेसर्वा बनकर कुछ भी कर सकता है. इसी साल 1 अगस्त को इमरान के बेटे ने कहा था कि हम अपने पिता को जेल से बाहर निकालने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं. हम आमतौर पर अपने में ही रहने वाले लोग हैं. पापा को जेल से छुड़ाने के लिए हम अमेरिका भी गए. कई अमेरिकी नेताओं से मुलाकात भी की. पापा को जेल से रिहा करवाने के लिए हम सबकुछ कर रहे हैं.
पहली बार पाकिस्तान में हो रहा ऐसा
पाकिस्तान में कभी भी लोकतंत्र नहीं रहा. फौज ने मुल्क को जैसे चाहे चलाया. चाहे नवाज और शहबाज हों या फिर भुट्टो परिवार. सभी ने सेना को सीढ़ी बनाकर ही उनकी सहमति से सरकार चलाई. इमरान को भी सेना ही लेकर आई लेकिन इमरान ने जब सेना को उसकी हैसियत दिखाने की कोशिश की तो उन्हें जेल में डाल दिया गया. हालांकि ऐसा पहली बार हो रहा है कि जेल में बंद किसी पूर्व प्रधानमंत्री के बारे में इस तरह छिपाया जा रहा है और यही बात इमरान समर्थकों को खाए जा रही है.
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